नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल AI समिट में विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने जमकर हंगामा किया। पार्टी का आरोप था कि सरकार AI का उपयोग नागरिकों की निगरानी के लिए कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सिरे से खारिज करते हुए करारा जवाब दिया।
"भारत AI को डर से नहीं, दुनिया के लिए एक अवसर की तरह देखता है। हम AI का उपयोग किसानों, छात्रों और गरीबों की सेवा में करेंगे।"
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ग्लोबल AI समिट 2026क्या था कांग्रेस का विरोध?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार Aadhaar डेटा को AI सिस्टम से जोड़कर लोगों की जासूसी कर रही है। उन्होंने संसद में एक श्वेत पत्र की मांग भी की।
हालांकि सरकार ने इसे बेबुनियाद बताया। केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का AI मिशन पूरी तरह पारदर्शी है और इसके दिशा-निर्देश डिजिटल इंडिया पोर्टल पर सार्वजनिक हैं।
AI मिशन में क्या है खास?
बजट 2026 में घोषित AI मिशन के तहत सरकार ने तीन प्रमुख लक्ष्य रखे हैं: 5 लाख युवाओं को AI प्रशिक्षण, देशी LLM (Large Language Model) का निर्माण और कृषि व स्वास्थ्य में AI का प्रयोग।
समिट में 45 देशों के प्रतिनिधि और 200 से अधिक टेक कंपनियों ने हिस्सा लिया। Google, Microsoft और Infosys ने मिलकर भारत में AI रिसर्च सेंटर खोलने की घोषणा की।